Prayagraj चौघड़िया - सोमवार, 3 अगस्त 2026
Prayagraj के लिए दिन और रात की चौघड़िया सारणी यहां देखें। अंतिम शुभ समय तय करने से पहले उसी दिन का पंचांग और राहु काल भी मिलाकर देखना उपयोगी रहता है।
मुख्य समय
- सूर्योदय
- 05:30 AM
- सूर्यास्त
- 06:46 PM
- अगला सूर्योदय
- 05:31 AM
दिन चौघड़िया
| खंड | नाम | समय | प्रकृति |
|---|---|---|---|
| 1 | अमृत | 05:30 AM - 07:09 AM | शुभ |
| 2 | काल | 07:09 AM - 08:49 AM | त्याज्य |
| 3 | शुभ | 08:49 AM - 10:28 AM | शुभ |
| 4 | रोग | 10:28 AM - 12:08 PM | त्याज्य |
| 5 | उद्वेग | 12:08 PM - 01:47 PM | त्याज्य |
| 6 | चर | 01:47 PM - 03:27 PM | मध्यम |
| 7 | लाभ | 03:27 PM - 05:06 PM | शुभ |
| 8 | अमृत | 05:06 PM - 06:46 PM | शुभ |
रात्रि चौघड़िया
| खंड | नाम | समय | प्रकृति |
|---|---|---|---|
| 1 | चर | 06:46 PM - 08:06 PM | मध्यम |
| 2 | रोग | 08:06 PM - 09:27 PM | त्याज्य |
| 3 | काल | 09:27 PM - 10:47 PM | त्याज्य |
| 4 | लाभ | 10:47 PM - 12:08 AM | शुभ |
| 5 | उद्वेग | 12:08 AM - 01:29 AM | त्याज्य |
| 6 | शुभ | 01:29 AM - 02:49 AM | शुभ |
| 7 | अमृत | 02:49 AM - 04:10 AM | शुभ |
| 8 | चर | 04:10 AM - 05:31 AM | मध्यम |
संदर्भ पेज
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Prayagraj में सोमवार, 3 अगस्त 2026 का चौघड़िया क्या है?
यह पेज Prayagraj के लिए दिन और रात्रि दोनों चौघड़िया खंड देता है।
कौन से चौघड़िया सामान्यतः शुभ माने जाते हैं?
अमृत, शुभ और लाभ को सामान्यतः सहायक माना जाता है, जबकि काल, रोग और उद्वेग से बचा जाता है।
अंतिम निर्णय कैसे लें?
चौघड़िया को पंचांग, राहु काल, तिथि और नक्षत्र संदर्भ के साथ मिलाकर देखना सबसे उपयोगी रहता है।