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आज की तिथि

31 जनवरी 2015 की तिथि

शनिवार 31 जनवरी 2015

शुक्ल द्वादशी

शुक्ल पक्षशुक्ल द्वादशी11:17 PM तकविक्रम संवत 2072
नक्षत्रMrigashira
योगPriti
करणBalava
मासPhalguna
सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त05:59 PM

कल की तिथि

शुक्ल त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष | 12:44 AM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
31 जनवरी 2015शनिवारशुक्ल द्वादशी
1 फ़रवरी 2015रविवारशुक्ल त्रयोदशी
2 फ़रवरी 2015सोमवारशुक्ल चतुर्दशी
3 फ़रवरी 2015मंगलवारपूर्णिमा
4 फ़रवरी 2015बुधवारकृष्ण प्रतिपदा
5 फ़रवरी 2015गुरुवारकृष्ण द्वितीया
6 फ़रवरी 2015शुक्रवारकृष्ण द्वितीया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शनिवार 31 जनवरी 2015 की तिथि क्या है?

शनिवार 31 जनवरी 2015 को शुक्ल द्वादशी तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 12वीं तिथि है।

शनिवार 31 जनवरी 2015 की तिथि कितने बजे तक है?

शुक्ल द्वादशी तिथि 11:17 PM बजे तक है। इसके बाद शुक्ल त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

शनिवार 31 जनवरी 2015 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

शनिवार 31 जनवरी 2015 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशीर्ष नक्षत्र 02:03 PM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन शुक्ल त्रयोदशी तिथि होगी।

शनिवार 31 जनवरी 2015 का विक्रम संवत क्या है?

शनिवार 31 जनवरी 2015 को विक्रम संवत 2072 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

शुक्ल द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज शुक्ल द्वादशी 11:17 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।