AstroTithi

आज की तिथि

21 फ़रवरी 2015 की तिथि

शनिवार 21 फ़रवरी 2015

शुक्ल तृतीया

शुक्ल पक्षशुक्ल तृतीया06:31 PM तकविक्रम संवत 2072
नक्षत्रUttara Bhadrapada
योगShukla
करणGaraja
मासChaitra
सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त06:15 PM

कल की तिथि

शुक्ल चतुर्थी

शुक्ल पक्ष | 03:39 PM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
21 फ़रवरी 2015शनिवारशुक्ल तृतीया
22 फ़रवरी 2015रविवारशुक्ल चतुर्थी
23 फ़रवरी 2015सोमवारशुक्ल पंचमी
24 फ़रवरी 2015मंगलवारशुक्ल षष्ठी
25 फ़रवरी 2015बुधवारशुक्ल सप्तमी
26 फ़रवरी 2015गुरुवारशुक्ल अष्टमी
27 फ़रवरी 2015शुक्रवारशुक्ल नवमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 की तिथि क्या है?

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 को शुक्ल तृतीया तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 3वीं तिथि है।

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 की तिथि कितने बजे तक है?

शुक्ल तृतीया तिथि 06:31 PM बजे तक है। इसके बाद शुक्ल चतुर्थी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र 10:02 PM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन शुक्ल चतुर्थी तिथि होगी।

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 का विक्रम संवत क्या है?

शनिवार 21 फ़रवरी 2015 को विक्रम संवत 2072 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

शुक्ल तृतीया तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज शुक्ल तृतीया 06:31 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।