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आज की तिथि

11 फ़रवरी 2016 की तिथि

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016

शुक्ल तृतीया

शुक्ल पक्षशुक्ल तृतीया12:03 PM तकविक्रम संवत 2073
नक्षत्रPurva Bhadrapada
योगSadhya
करणVanija
मासChaitra
सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त06:07 PM

कल की तिथि

शुक्ल चतुर्थी

शुक्ल पक्ष | 09:17 AM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
11 फ़रवरी 2016गुरुवारशुक्ल तृतीया
12 फ़रवरी 2016शुक्रवारशुक्ल चतुर्थी
13 फ़रवरी 2016शनिवारशुक्ल षष्ठी
14 फ़रवरी 2016रविवारशुक्ल सप्तमी
15 फ़रवरी 2016सोमवारशुक्ल अष्टमी
16 फ़रवरी 2016मंगलवारशुक्ल नवमी
17 फ़रवरी 2016बुधवारशुक्ल दशमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 की तिथि क्या है?

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 को शुक्ल तृतीया तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 3वीं तिथि है।

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 की तिथि कितने बजे तक है?

शुक्ल तृतीया तिथि 12:03 PM बजे तक है। इसके बाद शुक्ल चतुर्थी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 11:09 AM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन शुक्ल चतुर्थी तिथि होगी।

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 का विक्रम संवत क्या है?

गुरुवार 11 फ़रवरी 2016 को विक्रम संवत 2073 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

शुक्ल तृतीया तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज शुक्ल तृतीया 12:03 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।