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आज की तिथि

1 नवम्बर 2017 की तिथि

बुधवार 1 नवम्बर 2017

शुक्ल द्वादशी

शुक्ल पक्षशुक्ल द्वादशी05:57 PM तकविक्रम संवत 2074
नक्षत्रPurva Bhadrapada
योगVajra
करणKaulava
मासPausha
सूर्योदय06:33 AM
सूर्यास्त05:35 PM

कल की तिथि

शुक्ल त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष | 04:11 PM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
1 नवम्बर 2017बुधवारशुक्ल द्वादशी
2 नवम्बर 2017गुरुवारशुक्ल त्रयोदशी
3 नवम्बर 2017शुक्रवारशुक्ल चतुर्दशी
4 नवम्बर 2017शनिवारपूर्णिमा
5 नवम्बर 2017रविवारकृष्ण प्रतिपदा
6 नवम्बर 2017सोमवारकृष्ण तृतीया
7 नवम्बर 2017मंगलवारकृष्ण चतुर्थी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुधवार 1 नवम्बर 2017 की तिथि क्या है?

बुधवार 1 नवम्बर 2017 को शुक्ल द्वादशी तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 12वीं तिथि है।

बुधवार 1 नवम्बर 2017 की तिथि कितने बजे तक है?

शुक्ल द्वादशी तिथि 05:57 PM बजे तक है। इसके बाद शुक्ल त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

बुधवार 1 नवम्बर 2017 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

बुधवार 1 नवम्बर 2017 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 07:40 AM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन शुक्ल त्रयोदशी तिथि होगी।

बुधवार 1 नवम्बर 2017 का विक्रम संवत क्या है?

बुधवार 1 नवम्बर 2017 को विक्रम संवत 2074 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

शुक्ल द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज शुक्ल द्वादशी 05:57 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।