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आज की तिथि

31 दिसम्बर 2021 की तिथि

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021

कृष्ण द्वादशी

कृष्ण पक्षकृष्ण द्वादशी10:40 AM तकविक्रम संवत 2078
नक्षत्रAnuradha
योगVriddhi
करणKimstughna
मासMagha
सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:34 PM

कल की तिथि

कृष्ण त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष | 07:17 AM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
31 दिसम्बर 2021शुक्रवारकृष्ण द्वादशी
1 जनवरी 2022शनिवारकृष्ण त्रयोदशी
2 जनवरी 2022रविवारअमावस्या
3 जनवरी 2022सोमवारशुक्ल प्रतिपदा
4 जनवरी 2022मंगलवारशुक्ल द्वितीया
5 जनवरी 2022बुधवारशुक्ल तृतीया
6 जनवरी 2022गुरुवारशुक्ल चतुर्थी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 की तिथि क्या है?

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 को कृष्ण द्वादशी तिथि है, जो कृष्ण पक्ष की 27वीं तिथि है।

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 की तिथि कितने बजे तक है?

कृष्ण द्वादशी तिथि 10:40 AM बजे तक है। इसके बाद कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 को कृष्ण पक्ष है। कृष्ण पक्ष चंद्रमा के घटते चरण को दर्शाता है।

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

अनुराधा नक्षत्र 10:04 PM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन कृष्ण त्रयोदशी तिथि होगी।

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 का विक्रम संवत क्या है?

शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 को विक्रम संवत 2078 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

कृष्ण द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज कृष्ण द्वादशी 10:40 AM तक प्रभावी है और दिन कृष्ण पक्ष में चल रहा है।