आज की तिथि
17 अक्टूबर 2024 की तिथि
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024
पूर्णिमा
| नक्षत्र | Revati |
| योग | Vajra |
| करण | Bava |
| मास | Margashirsha |
| सूर्योदय | 06:23 AM |
| सूर्यास्त | 05:48 PM |
कल की तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
कृष्ण पक्ष | 01:15 PM तक
यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है
इस सप्ताह की तिथियाँ
| तारीख | वार | तिथि |
|---|---|---|
| 17 अक्टूबर 2024 | गुरुवार | पूर्णिमा |
| 18 अक्टूबर 2024 | शुक्रवार | कृष्ण प्रतिपदा |
| 19 अक्टूबर 2024 | शनिवार | कृष्ण द्वितीया |
| 20 अक्टूबर 2024 | रविवार | कृष्ण तृतीया |
| 21 अक्टूबर 2024 | सोमवार | कृष्ण पंचमी |
| 22 अक्टूबर 2024 | मंगलवार | कृष्ण षष्ठी |
| 23 अक्टूबर 2024 | बुधवार | कृष्ण सप्तमी |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 को पूर्णिमा तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि है।
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 की तिथि कितने बजे तक है?
पूर्णिमा तिथि 04:56 PM बजे तक है। इसके बाद कृष्ण प्रतिपदा तिथि शुरू होगी।
इस दिन कौन सा पक्ष है?
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती नक्षत्र 04:20 PM बजे तक रहेगा।
अगले दिन की तिथि क्या होगी?
अगले दिन कृष्ण प्रतिपदा तिथि होगी।
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 का विक्रम संवत क्या है?
गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 को विक्रम संवत 2081 चल रहा है।
इस तिथि का क्या महत्व है?
पूर्णिमा तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।
आज की तिथि क्यों देखें?
आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।
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आज पूर्णिमा 04:56 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।