AstroTithi

आज की तिथि

30 दिसम्बर 2026 की तिथि

बुधवार 30 दिसम्बर 2026

कृष्ण सप्तमी

कृष्ण पक्षकृष्ण सप्तमी12:36 PM तकविक्रम संवत 2083
नक्षत्रUttara Phalguni
योगAtiganda
करणBalava
मासMagha
सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:33 PM

कल की तिथि

कृष्ण अष्टमी

कृष्ण पक्ष | 12:32 PM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
30 दिसम्बर 2026बुधवारकृष्ण सप्तमी
31 दिसम्बर 2026गुरुवारकृष्ण अष्टमी
1 जनवरी 2027शुक्रवारकृष्ण नवमी
2 जनवरी 2027शनिवारकृष्ण दशमी
3 जनवरी 2027रविवारकृष्ण एकादशी
4 जनवरी 2027सोमवारकृष्ण द्वादशी
5 जनवरी 2027मंगलवारकृष्ण त्रयोदशी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 की तिथि क्या है?

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 को कृष्ण सप्तमी तिथि है, जो कृष्ण पक्ष की 22वीं तिथि है।

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 की तिथि कितने बजे तक है?

कृष्ण सप्तमी तिथि 12:36 PM बजे तक है। इसके बाद कृष्ण अष्टमी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 को कृष्ण पक्ष है। कृष्ण पक्ष चंद्रमा के घटते चरण को दर्शाता है।

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 03:37 PM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन कृष्ण अष्टमी तिथि होगी।

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 का विक्रम संवत क्या है?

बुधवार 30 दिसम्बर 2026 को विक्रम संवत 2083 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

कृष्ण सप्तमी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज कृष्ण सप्तमी 12:36 PM तक प्रभावी है और दिन कृष्ण पक्ष में चल रहा है।