AstroTithi

आज की तिथि

15 सितम्बर 2027 की तिथि

बुधवार 15 सितम्बर 2027

पूर्णिमा

शुक्ल पक्षपूर्णिमा04:33 AM तकविक्रम संवत 2084
नक्षत्रShatabhisha
योगGanda
करणBava
मासKartika
सूर्योदय06:05 AM
सूर्यास्त06:26 PM

कल की तिथि

कृष्ण प्रतिपदा

कृष्ण पक्ष | 05:52 AM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
15 सितम्बर 2027बुधवारपूर्णिमा
16 सितम्बर 2027गुरुवारकृष्ण प्रतिपदा
17 सितम्बर 2027शुक्रवारकृष्ण द्वितीया
18 सितम्बर 2027शनिवारकृष्ण द्वितीया
19 सितम्बर 2027रविवारकृष्ण तृतीया
20 सितम्बर 2027सोमवारकृष्ण चतुर्थी
21 सितम्बर 2027मंगलवारकृष्ण पंचमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुधवार 15 सितम्बर 2027 की तिथि क्या है?

बुधवार 15 सितम्बर 2027 को पूर्णिमा तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि है।

बुधवार 15 सितम्बर 2027 की तिथि कितने बजे तक है?

पूर्णिमा तिथि 04:33 AM बजे तक है। इसके बाद कृष्ण प्रतिपदा तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

बुधवार 15 सितम्बर 2027 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

बुधवार 15 सितम्बर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

शतभिषा नक्षत्र 11:33 AM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन कृष्ण प्रतिपदा तिथि होगी।

बुधवार 15 सितम्बर 2027 का विक्रम संवत क्या है?

बुधवार 15 सितम्बर 2027 को विक्रम संवत 2084 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

पूर्णिमा तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज पूर्णिमा 04:33 AM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।