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आज की तिथि

19 सितम्बर 2029 की तिथि

बुधवार 19 सितम्बर 2029

शुक्ल द्वादशी

शुक्ल पक्षशुक्ल द्वादशी05:58 PM तकविक्रम संवत 2086
नक्षत्रShravana
योगShoola
करणKaulava
मासKartika
सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:21 PM

कल की तिथि

शुक्ल त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष | 06:57 PM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
19 सितम्बर 2029बुधवारशुक्ल द्वादशी
20 सितम्बर 2029गुरुवारशुक्ल त्रयोदशी
21 सितम्बर 2029शुक्रवारशुक्ल चतुर्दशी
22 सितम्बर 2029शनिवारपूर्णिमा
23 सितम्बर 2029रविवारकृष्ण प्रतिपदा
24 सितम्बर 2029सोमवारकृष्ण द्वितीया
25 सितम्बर 2029मंगलवारकृष्ण तृतीया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुधवार 19 सितम्बर 2029 की तिथि क्या है?

बुधवार 19 सितम्बर 2029 को शुक्ल द्वादशी तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 12वीं तिथि है।

बुधवार 19 सितम्बर 2029 की तिथि कितने बजे तक है?

शुक्ल द्वादशी तिथि 05:58 PM बजे तक है। इसके बाद शुक्ल त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

बुधवार 19 सितम्बर 2029 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

बुधवार 19 सितम्बर 2029 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण नक्षत्र 11:48 AM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन शुक्ल त्रयोदशी तिथि होगी।

बुधवार 19 सितम्बर 2029 का विक्रम संवत क्या है?

बुधवार 19 सितम्बर 2029 को विक्रम संवत 2086 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

शुक्ल द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज शुक्ल द्वादशी 05:58 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।