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आज की तिथि

7 नवम्बर 2034 की तिथि

मंगलवार 7 नवम्बर 2034

कृष्ण द्वादशी

कृष्ण पक्षकृष्ण द्वादशी12:03 AM तकविक्रम संवत 2091
नक्षत्रUttara Phalguni
योगPriti
करणKimstughna
मासPausha
सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त05:31 PM

कल की तिथि

कृष्ण त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष | 02:04 AM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
7 नवम्बर 2034मंगलवारकृष्ण द्वादशी
8 नवम्बर 2034बुधवारकृष्ण त्रयोदशी
9 नवम्बर 2034गुरुवारकृष्ण चतुर्दशी
10 नवम्बर 2034शुक्रवारअमावस्या
11 नवम्बर 2034शनिवारअमावस्या
12 नवम्बर 2034रविवारशुक्ल प्रतिपदा
13 नवम्बर 2034सोमवारशुक्ल द्वितीया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 की तिथि क्या है?

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 को कृष्ण द्वादशी तिथि है, जो कृष्ण पक्ष की 27वीं तिथि है।

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 की तिथि कितने बजे तक है?

कृष्ण द्वादशी तिथि 12:03 AM बजे तक है। इसके बाद कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 को कृष्ण पक्ष है। कृष्ण पक्ष चंद्रमा के घटते चरण को दर्शाता है।

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 02:03 PM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन कृष्ण त्रयोदशी तिथि होगी।

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 का विक्रम संवत क्या है?

मंगलवार 7 नवम्बर 2034 को विक्रम संवत 2091 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

कृष्ण द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज कृष्ण द्वादशी 12:03 AM तक प्रभावी है और दिन कृष्ण पक्ष में चल रहा है।