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आज की तिथि

27 फ़रवरी 2037 की तिथि

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037

शुक्ल द्वादशी

शुक्ल पक्षशुक्ल द्वादशी04:43 PM तकविक्रम संवत 2094
नक्षत्रPunarvasu
योगAtiganda
करणKaulava
मासChaitra
सूर्योदय06:48 AM
सूर्यास्त06:19 PM

कल की तिथि

शुक्ल त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष | 01:25 PM तक

यह तिथि दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित है

इस सप्ताह की तिथियाँ

तारीखवारतिथि
27 फ़रवरी 2037शुक्रवारशुक्ल द्वादशी
28 फ़रवरी 2037शनिवारशुक्ल त्रयोदशी
1 मार्च 2037रविवारशुक्ल चतुर्दशी
2 मार्च 2037सोमवारकृष्ण प्रतिपदा
3 मार्च 2037मंगलवारकृष्ण द्वितीया
4 मार्च 2037बुधवारकृष्ण तृतीया
5 मार्च 2037गुरुवारकृष्ण चतुर्थी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 की तिथि क्या है?

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 को शुक्ल द्वादशी तिथि है, जो शुक्ल पक्ष की 12वीं तिथि है।

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 की तिथि कितने बजे तक है?

शुक्ल द्वादशी तिथि 04:43 PM बजे तक है। इसके बाद शुक्ल त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।

इस दिन कौन सा पक्ष है?

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 को शुक्ल पक्ष है। शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ते चरण को दर्शाता है।

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु नक्षत्र 07:45 AM बजे तक रहेगा।

अगले दिन की तिथि क्या होगी?

अगले दिन शुक्ल त्रयोदशी तिथि होगी।

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 का विक्रम संवत क्या है?

शुक्रवार 27 फ़रवरी 2037 को विक्रम संवत 2094 चल रहा है।

इस तिथि का क्या महत्व है?

शुक्ल द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इस दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

आज की तिथि क्यों देखें?

आज की तिथि हिंदू पंचांग का वह महत्वपूर्ण आधार है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच के अंतर से निर्धारित होता है। इसी कारण आज की तिथि हर दिन बदलती है और कई बार अंग्रेजी तारीख के बीच में भी समाप्त हो सकती है। व्रत, पूजा, संकल्प, दान, यात्रा, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज की तिथि जानना बहुत उपयोगी माना जाता है। आज की तिथि से यह भी समझ आता है कि दिन शुक्ल पक्ष में है या कृष्ण पक्ष में, कौन सा नक्षत्र चल रहा है और वर्तमान तिथि कब तक प्रभावी रहेगी। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, संकष्टी और मासिक व्रतों में आज की तिथि का विशेष महत्व है। मुहूर्त देखने से पहले आज की तिथि समझना जरूरी होता है, क्योंकि सही तिथि के बिना शुभ समय का निर्णय अधूरा रह सकता है। इसलिए दैनिक पंचांग के साथ तिथि देखना सबसे अच्छा रहता है।

पिछली तिथिअगली तिथि

आज शुक्ल द्वादशी 04:43 PM तक प्रभावी है और दिन शुक्ल पक्ष में चल रहा है।